जय माता दी...............
पिछले कई सालो में कुंडली के जानकारों ने हस्तरेखा की मेहता को लगभग खत्म सा कर दिया है और कुंडली विज्ञानं को ही सर्वे सर्वा बना दिया है जबकि मेरा ये मानना है कुंडली में गलती की सम्भावना बहुत ज्यादा है क्योंकि की जन्मतारीख और समय के गलत होने पे पूरी कुंडली ही गलत हो जाती है इसके आलावा कुंडली एक ही समय में एक भाव से लगभग 1500 चीजे देखती है और उस स्थिति में मोजुदा समस्या को पकड़ना बड़ा मुस्किल काम है।
जबकि हस्तरेखा में गलती की सम्भावना बहुत कम है क्योंकि हाथ है जो आपके शारीर का हिस्सा है और ये सीधा दिमाग से जुडा हुआ है और ये आने वाले समय के छोटे से छोटे बदलाव को हस्तरेखा में अंकित करता है और हस्तरेखा से किये गए या बताये गए उपाय आपको हमेशा ही बहुत सकारात्मक नतीजे देती है।
हस्तरेखा की सटीकता पे संसय करना खुद के दिमाग पे संसय करने जैसा है और ये सदा सर्वदा आपके छोटे से छोटे और बड़े से बड़े बदलाव को दिमाग हथेली पे पहले ही दर्ज कर देती है और सावधान होने का मौका देती है।
इसलिए मित्रो हस्तरेखा पे संसय न करे और न ही ये कोई अधुरा विषय है बस पिछले कुछ सालो में हस्तरेखा का बहुत ज्यादा पतन हुआ है जिसकी वजह मुझे भी नहीं पता लेकिन आज हस्तरेखा को पुन नए सिरे से पुनर्स्थापित करना पड़ेगा।
जय माता दी...............
Micro Palmistry is oriented on Element Palmistry. PhD and Gold Medalist in Vastu Science and Palmistry.
Translate
बुधवार, 17 सितंबर 2014
नवग्रह - हस्तरेखा
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें