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सोमवार, 15 सितंबर 2014

नवग्रह - हस्तरेखा

जय माता दी.............
मुझे ऐसा लगता है हस्तरेखा को वापस अनुसन्धान की जरुरत है जो हस्तरेखा चलन में चल रही है वो अपूर्ण है और न ही सटीक है।
आज हस्तरेखा से सिर्फ इन्सान की प्रक्रति और कुछ छोटी बड़ी घटनायो को हस्तरेखा से बता सकते है उसमे भी सटीकता कुछ नहीं है क्या हस्तरेखा से इन्सान का गृहस्थ जीवन कैसा रहेगा और शादी कब होगी ये बता सकते है, क्या हस्तरेखा से इन्सान के व्यापार में चल रही परेशानियों का कारण बता सकते है, क्या हस्तरेखा से जातक के परिवार में चल रही परेशानियों का कारण बता सकते है, इन्सान मेहनत करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं कर पाता है इसका कारण बता सकते है, परिवार में किस सदस्य से अच्छी बनेगी और किस से नहीं बनेगी ये बता सकते है , नहीं इनमे से कोई भी बात को सटीकता से कोई नहीं रख सकता और उससे भी बड़ी बात की हस्तरेखा से किसी इन्सान को उपाय बताने का कोई प्रावधान नहीं है जैसे अगर मस्तिस्क रेखा में दोष है या जीवन रेखा में दोष है तो इसका उपाय क्या, दुर्भाग्य वश कोई उपाय नहीं बता पाता और न ही सटीकता से कोई बात कर सकता है।
जब हाथ देखने वालो को ही खुद पे भरोसा नहीं रहेगा तो वो दूसरा का भरोसा कैसे जित पायेगा और कैसे किसी को भरोसा दे पायेगा।
मैंने इस विषय पे बहुत अध्यन और अनुसन्धान करने के बाद मैं ये कह सकता हूँ जितनी सटीकता हस्तरेखा में है किसी और विषय में नहीं है, हस्तरेखा से चल रही परेशानियों को बहुत जल्दी पढ़ा जा सकता है और साथ में उनके उपाय भी किये जा सकते है।
हस्तरेखा जैसा दूसरा कुछ नहीं है ये आपके दिमाग से जुडा हुआ है और दिमाग में भविष्य के बहुत गेहेरे राज छिपे है इन्हें हस्तरेखा से जितनी आसानी से पढ़ा जा सकता है उतना दुसरे किसी विषय से नहीं पढ़ा जा सकता है।
जय माता दी..............

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